प्रपंच के मंच के स्थायी सदस्यों का आस्था के मंच पर आगमन कोई संयोग नही
षडयंत्र के प्रपंची पिटारे का आस्था के मंच पर स्थापित किया जाना कोई संयोग नही
मंच की पवित्रता भंग हो, यही लक्ष्य इस प्रपंची पिटारे का
एक सच्चे साधक को भ्रमित कर दे, इतना भी दम नही इस प्रपंची पिटारे में
एक साधक के साधना की अविरल धारा के प्रवाह को बाधित करना सरल नही
भ्रमित ना हो एक भी सरल भक्त, यही कर्तव्य एक सच्चे साधक का
मुक्त हो यह मंच इन मायावी भक्तों से, यही कर्तव्य एक समर्पित साधक का